आज से लगभग 4 अरब करोड़ साल पहले हमारी धरती का जन्म हुआ था l जिस
प्रकार सूर्य तथा दुसरे ग्रह गैस और धुल के बदल से पैदा हुए, उसी प्रकार पृथ्वी भी
पैदा हुई l उस समय यह आग का एक गोला थी जिसके चारों ओर जलती हुई गैसों का वातावरण
था l तब पृथ्वी गर्म गोल पिंड के रूप में सूर्य के चारों और आज की ही तरह घूम रही
थी l सैकड़ों साल बीतने के बाद पृथ्वी ने घूमते हुए सूर्य से धीरे-धीरे दूर होना
शुरू किया l जैसे-जैसे पृथ्वी दूर होती गई वैसे-वैसे उसकी गर्मी कम होती गई l इस
प्रकार धरती ठंडी होनी शुरू हुई और उसकी ऊपर की सतह पपड़ी में परिवर्तित होने लगी l
इस पपड़ी के सख्त होने के कारण इसमें दरारें पद गईं जिससे अन्दर का पिघला हुआ
पदार्थ सतह के ऊपर आने लगा l लाखोँ वर्षों के दौरान धरती के अन्दर के पिघले पदार्थ
ने पर्वतों और घाटियों का रूप ले लिया l
जैसे-जैसे समय बीतता गया, धरती के चारों और
की गर्म गैसों का आवरण ठंडा होकर बादलों के रूप में बदल गया l ये बादल धरती पर दिन
रात बरसते रहते थे l इस वर्षा के फलस्वरूप धरती जलमग्न हो गई l धरती के निचले भागों
पर पानी के भंडार एकत्रित होते गए जिससे सागरों का जन्म हुआ l समय के साथ-साथ धरती
की उथल-पुथल के कारण कभी इसकी सतह ऊपर उठी तो कभी निचे हुई l इस उथल-पुथल में बहुत
से ज्वालामुखी उत्पन्न हुए l जैसे-जैसे समय बीतता गया पृथ्वी शांत होती गई l
समुन्द्रों और पर्वतों ने अपना निश्चित रूप धारण कर लिया l
उसके पश्चात् आज से लगभग 57 करोड़ वर्ष पहले
धरती पर सूक्षम जीवाणुओं (Micro-organism) का विकास होना शुरू हुआ l पहले 34.5
करोड़ वर्ष में समुंद्री जीवों का विकास हुआ l जैसे-जैसे समय बीतता गया इन समुंद्री
जीवों का रूप भी बदलता गया l फिर एक समय आया जब धरती पर रेंगने वाले जिव-जन्तुओं
का विकास हुआ l लगभग 10 लाख वर्ष धरती पर मनुष्य का जन्म हुआ l
पृथ्वी एक विचित्र ग्रह है l इस पर जीवन के
अस्तित्व के लिए आवश्यक सभी अनुकूल परिस्थितियां मौजूद हैं l इसके चारों और वायु
का एक घेरा है, जो प्राणिजगत के लिए अत्यंत आवश्यक है l आज पृथ्वी के विषय में
हमें बहुत ही दिलचस्प जानकारी उपलव्ध है l इसका भूमध्य व्यास 12,756 कि.मी. (7926
मील) है और इसका धुवीय व्यास 12,714 कि.मी. (7200 मील) है l पृथ्वी सतह का 70.92
क्षेत्रफल पानी से ढका हुआ है और शेष पृथ्वी के रूप में है l धरती का कुल
क्षेत्रफल लगभग 51 करोड़ वर्ग कि.मी है l ............
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